व्यालोक पाठक
व्यालोक ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और भारतीय जनसंचार संस्थान से पढ़ाई की है। दो दशकों के पत्रकारीय जीवन में उन्होंने देश की बड़ी और श्रेष्ठ मीडिया कम्पनियों के साथ काम किया है। वह जनसम्पर्क और सोशल मीडिया के भी विद्यार्थी हैं। घुमक्कड़ हैं, पढ़ने और लिखने के शौकीन हैं। उनकी अब तक दो किताबें ‘वे 47 दिन’ और ‘बोहेमियन’ प्रकाशित हो चुकी हैं। कई अन्तरराष्ट्रीय संस्थानों और एनजीओ के लिए अनुवाद भी किया है। फ़िलहाल एक मीडिया कम्पनी के लिए पॉडकास्ट करते हैं, फ्रीलांस पत्रकारिता और अनुवाद करते हैं।

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