परिवार के वरिष्ठ सदस्य के रूप में जो लोग होते हैं, बच्चों की आत्मीयता उनसे ज्यादा होती है। बच्चे मन के सच्चे होते हैं। ‘चाचा की चमत्कारी पगड़ी’ भी बच्चों के मनोविनोद की ही द्योतक हो गई है। यह पुस्तक पारिवारिक जीवन में एक चाचा और उनके साथ मिले छोटे बच्चों की सुरुचिपूर्ण कहानी बयान करती है। इस पुस्तक में शांति दवे का रेखांकन पुस्तक को और उपयोगी बना देता है।

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