‘घड़ी है बड़े काम की चीज़’ वस्तुतः घड़ियों के विकास को बतलाने वाली पुस्तक है। यह बाल जिज्ञासाओं को बढ़ाती है। पहले धूप घड़ी के रूप में ही घड़ियों का विकास हुआ है। बाद में आधुनिक घड़ियाँ आईं। कई तरह की घड़ियों के आविष्कार में एक जलघड़ी भी है। लोग जलघड़ी का उपयोग भी समय जानने के लिए करते थे। इसके अतिरिक्त रेत घड़ी, गाँठदार रस्सी के जलनेवाली घड़ी, चिराग से समय का ज्ञान, धारीदार मोमबत्ती वाली घड़ी जैसे वैज्ञानिक आधारों से भी समय जाना जाता था। यह पुस्तक घड़ी के इन सभी रूपों की जानकारी देते हुए उसकी विकास-यात्रा को बताती है।

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