हजारीप्रसाद द्विवेदी के पत्र पुस्तक में आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी द्वारा पंडित बनारसीदास चतुर्वेदी को लिखे गए पत्र संगृहीत हैं। चतुर्वेदीजी आचार्य द्विवेदी के गुरु, मार्गदर्शक एवं मित्र थे। अपनी सारी परेशानियाँ, खुशियाँ और समस्याएँ वे उनके सामने व्यक्त कर देते थे। फलतः इन पत्रों में आचार्य द्विवेदी के व्यक्तिगत जीवन की ढेर सारी जानकारियाँ अनायास व्यक्त हो गई हैं। साथ ही, उनकी रुचियाँ-अरुचियाँ तथा साहित्य-विषयक अनेक प्रश्नों पर उनका बेबाक मतामत जानने का अवसर भी इन पत्रों से मिलता है, जो औपचारिक लेखन में प्रायः संभव नहीं होता क्योंकि वहाँ लेखक कई मर्यादाओं और सीमाओं से घिरा हुआ रहता है तथा खुलकर अपनी बात नहीं कह पाता। पंडित बनारसीदास चतुर्वेदी को लिखे गए आचार्य द्विवेदी के ये पत्र अपने समय के जीवंत दस्तावेज़ हैं, जो न केवल साहित्य के सामान्य पाठकों के लिए रुचिकर होंगे, बल्कि शोधार्थियों और द्विवेदीजी की जीवनी पर काम करनेवालों को भी अपने काम की प्रभूत सामग्री इन पत्रों में मिलेगी।

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