‘जतीन का जूता’ सुकुमार राय की बाल-कहानियों का संग्रह है। इन बांग्ला कहानियों का हिन्दी अनुवाद चंद्रकिरण राठी ने किया है। संग्रह में बाल मनोविनोद और बाल-विवेक की सुरुचिपूर्ण समझ बताने वाली कई कहानियाँ हैं। शीर्षक कहानी ‘जतीन का जूता’ के अतिरिक्त इसमें ‘तोते की बुद्धि’, ‘गुड़िया की दावत’, ‘हँसी की कहानी’ जैसी छोटी-छोटी कहानियाँ बाल-कहानी की परम्परा में सार्थक हस्तक्षेप करती हैं।

Loading, please wait...
