‘नन्ही नर्तकी’ विमला, उसकी बहन और भाई से जुड़ी कहानी है। यह कहानी ओणम पर्व से शुरू होकर गणतंत्र दिवस की परेड में जाने और उसमें भाग लेने की संभावनाओं के दूसरे कदम की कहानी है। इसमें एक नन्ही नर्तकी के दिल्ली जाने की घटना को विषय बनाया गया है। नर्तकी को ओणम में अपना नृत्य प्रस्तुत करने के लिए प्रशंसा मिल चुकी है। इस पुस्तक में सुमिता चक्रवर्ती का रेखांकन कहानी को और भी सुरुचिपूर्ण बना देता है।

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