यह पुस्तक ‘राजा राममोहन राय’ अंग्रेजी और बांग्ला में उपलब्ध प्रामाणिक ग्रन्थों और दस्तावेजों पर आधारित राममोहन राय पर एक पूर्णांग जीवनी है तथा भारतीय पुनर्जागरण के परिप्रेक्ष्य में धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक आन्दोलनों में राममोहन की भूमिका पर संक्षिप्त विवेचन है। जीवन भाग के लिए मुख्यत: सोफिया डॉबसन कोलेट की अंग्रेजी पुस्तक और नगेन्द्रनाथ व चट्टोपाध्याय की पुस्तक का आधार लिया गया है।
पुस्तक चार खण्डों में विभाजित है। पहले खण्ड में तत्कालीन भारत की ऐतिहासिक, धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक परस्थिति की संक्षिप्त रूप-रेखा खींची गयी है। दूसरा भाग मोटे तौर पर राममोहन के संघर्षमय जीवन की चमत्कारपूर्ण गाथा है। तीसरा खण्ड उनके कृतित्व और विचार दर्शन पर संक्षिप्त विवेचन से सम्बन्धित है। इस खण्ड में आलोचना के प्रसंग में कभी-कभी विचारों और घटनाओं की पुनरावृत्ति हो गई है जो एक सीमा तक अपरिहार्य थी, इससे बचा नहीं जा सका। परिशिष्ट खण्ड में कुछ मूल अंग्रेजी दस्तावेज विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और जिज्ञासु पाठकों की सुविधा और सूचना को ध्यान में रखकर दिए गए हैं। पुस्तक में मूल अंग्रेजी उद्धरण भी इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर दिये गये हैं।

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