‘सोचो क्या होता’ बाल-गीतों का संग्रह है। ये बालगीत बच्चों की कल्पनाशक्ति, उनकी जिज्ञासा और मनोविज्ञान की स्पष्ट झलक देते हैं। अपने पर्यावरण अौर परिवेश के प्रति रचनात्मक जुड़ाव रखने वाली ये कविताएँ विस्तृत फलक अौर मानवीय छवियों को गढ़ती हैं। यह सुखद है कि ‘सोचो क्या होता’ के बाल-गीत अपनी संरचना में लयात्मक तुकबंदी और प्रयोगात्मक विषयवस्तु की पड़ताल करते हैं जो बच्चों का मनोरंजन भी करते हैं। और उन्हें शिक्षित भी करते हैं।

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