वर्षा न होने से कैसी कठिन स्थिति होती है यह इस कहानी में रोचकता के साथ आया है। पानी के बिना जीव-जंतु बेहाल हैं। इस स्थिति में सभी यही सोचते हैं कि वर्षा कहाँ है? बाद में वर्षा होने पर सभी स्थितियाँ बदल जाती हैं। बच्चे, बड़े, बूढ़े सब हर्षोल्लास में जीवन को गति देते हैं और जीव-जंतुओं के साथ यह भाव व्यक्त करते हैं—‘अरे वाह! सचमुच बरसने लगा अब पानी!’ यह उल्लास भी जिजीविषा पैदा करता है। रोचक चित्रों का होना इस किताब की पठनीयता को बढ़ा देता है।

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