‘विद्यापति’ एक जीवनी-पुस्तक है। मैथिली कोकिल विद्यापति की प्रसिद्धि सर्वविदित है। विद्यापति भक्ति और शृंगार के एक ऐसे कवि थे जो अपने जीवन काल में ही किंवदंती बन गए थे। इनकी रचनाएँ साहित्य की अनमोल धरोहर हैं। इनकी उक्ति ‘देसिल बअना सब जन मिट्ठा/ते तैसन जम्पओ अवहट्ठा’ बड़ी लोकप्रचलित है। इस रूप में विद्यापति की जीवनी बच्चों को अधिक रुचिकर लगेगी।

Loading, please wait...
