बच्चे के मन में होश सँभालते ही अपने आसपास की दुनिया, अपने परिवेश, प्रकृति, हवा, सूरज, पानी और आग को लेकर अनेक सवाल उठने लगते हैं। ‘विज्ञान की अनोखी दुनिया’ शृंखला की पुस्तकें बाल और किशोर मन की इन्हीं जिज्ञासाओं को ध्यान में रखकर वैज्ञानिक आधार पर रची गई
हैं।
शृंखला की इस पहली पुस्तक में बालमन के आरम्भिक प्रश्नों का उत्तर दिया गया है। पेड़-पौधे, चाँद-सितारे-सूरज, जीव-जन्तु, हवा और पानी, पृथ्वी, मिट्टी, रेत तथा गाँव और शहरों में मिलनेवाले प्रकृति के अलग-अलग रूपों को सरल और सीधी भाषा में रखा गया है। साथ ही बच्चों की स्मृति में इन वैज्ञानिक तथ्यों को गहराई से स्थापित करने के लिए कुछ सरल अभ्यास-प्रश्न भी इसमें दिए गए हैं।

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