अली अहमद फ़ातमी
जन्म : जनवरी, 1954; इलाहाबाद में।
शिक्षा : शिक्षा-दीक्षा इलाहाबाद में हुई। 1974 में उर्दू साहित्य से इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम.ए. किया। अब्दुल हलीम शरर के उपन्यासों पर डी.फ़िल्. की डिग्री प्राप्त की।
तीन वर्ष सेंट जॉन्स कॉलेज, आगरा में पढ़ाने के बाद 1983 से उर्दू विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जुड़ गए और प्रोफ़ेसर रहे। फ़िराक़ गोरखपुरी, अली सरदार जाफ़री, एहतेशाम हुसैन, अकील रिज़वी, क़मर रईस जैसे प्रगतिशील साहित्यकारों से क़रीबी होने के कारण वह शुरू से ही प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़ गए और आज भी वह एक प्रगतिशील लेखक व आलोचक के तौर पर प्रसिद्ध हैं। प्रो. फ़ातमी ने देश-विदेश के दौरे भी किए। अफ़्रीका, कनाडा, इंग्लैंड, जर्मनी, ताशकन्द आदि के अन्तरराष्ट्रीय सेमिनारों में शिरकत की।
लेखन : नज़ीर, इक़बाल, प्रेमचन्द, फ़िराक़, सरदार जाफ़री आदि पर किताबें प्रकाशित हुईं। इसके अतिरिक्त कई सफ़रनामे व रिपोर्ताज लिखे जो बेहद प्रसिद्ध हुए। कई पत्रिकाओं को सम्पादित भी किया। प्रो. फ़ातमी मुख्यतः उर्दू साहित्य के लेखक व आलोचक हैं पर वह बराबर हिन्दी में भी लिखते रहते हैं। फ़िराक़ गोरखपुरी की शख़्सियत व शायरी को बहुत निकट से देखा और समझा है।

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