मनमोहन पाठक
मनमोहन पाठक का जन्म 1 अक्टूबर, 1947 को झरी गाँव, पलामू (बिहार) में हुआ जो अब झारखंड में पड़ता है। उन्होंने राँची विश्वविद्यालय, राँची से एम.ए. (स्वर्ण पदक के साथ) किया। अपने पेशेवर जीवन में उन्होंने कोल इंडिया लिमिटेड के विभिन्न पदों पर कार्य किया और वहीं से सेवानिवृत्त हुए।
उनका साहित्यिक लेखन 1970 के दशक में कविता लिखने से आरम्भ हुआ। लेखन के साथ-साथ उन्होंने ‘सम्भावना’, ‘पुटुस’ और झारखंड की सांस्कृतिक पत्रिका ‘शालपत्र’ का सम्पादन भी किया। उनकी कविताएँ और कहानियाँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। ‘गगन घटा घहरानी’ उनका एकमात्र प्रकाशित उपन्यास है। झारखंड के आदिवासियों का जीवन-संघर्ष उनकी रचनाओं के केन्द्र में रहा है।
उन्हें बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान (1992) से सम्मनित किया गया है।
फ़िलहाल धनबाद में रहते हैं और लिखने-पढ़ने में व्यस्त हैं।
ई-मेल : [email protected]

Loading, please wait...

