रामनिरंजन परिमलेन्दु
आपका जन्म 24 अगस्त, 1935 को हुआ।
आप बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय, मुज़फ़्फ़रपुर (बिहार) में हिन्दी के प्रोफ़ेसर रहे।
‘भारतेन्दु काल के भूले-बिसरे कवि और उनका काव्य’, ‘भारतेन्दु काल का अल्पज्ञात हिन्दी गद्य साहित्य’, ‘देवनागरी लिपि और हिन्दी : संघर्षों की ऐतिहासिक यात्रा’ आदि अनेक आपकी महत्त्वपूर्ण पुस्तकें हैं।
हिन्दी साहित्य का इतिहास विशेषतया उन्नीसवीं शताब्दी का सम्पूर्ण हिन्दी साहित्य, हिन्दी पत्रकारिता का इतिहास, देवनागरी लिपि आन्दोलन का इतिहास, राष्ट्रलिपि, उन्नीसवीं शताब्दी के हिन्दी गद्य की विभिन्न विधाएँ, हिन्दी के आरम्भिक उपन्यास, भारत में सार्वजनीन लिपि की अवधारणा का इतिहास और उसमें हिन्दीतर भाषियों का अवदान, नवलेखकों का मार्गदर्शन आदि विषयों में आपको विशेषज्ञता हासिल थी। आप हिन्दी साहित्य के इतिहास की टूटी हुई कड़ियों को जोड़ने हेतु सदैव सक्रिय और उसकी भ्रान्तियों के निवारणार्थ निष्ठापूर्वक समर्पित रहे।
निधन : 29 सितम्बर, 2020

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